दोस्तों, जब हम टू इन वन या हाइब्रिड गाड़ियों की बात करते हैं, तो हमारे दिमाग में सबसे पहले ऐसी गाड़ी आती है जो या तो पेट्रोल और गैस दोनों से चल रही है या पेट्रोल और इलेक्ट्रिक दोनों से चल रही है। बट रो मोर कप, इसने तो पूरा डेफिनेशन ही बदल के रख दिया है हाइब्रिड या टू इन वन गाड़ियों का। रो मोटर कब ये वही कंपनी है जिसके स्प्लेंडर और ग्लैमर आप बड़े आसान से चला रहे होते हैं। रो मोटर ने एक ऐसा थ्री व्हीलर टेंपो बनाया है जिसके अंदर टू व्हीलर स्कूटर ऑलरेडी बिल्ट इन है। मतलब, एक ऐसा थ्री व्हील टेंपू जिसमें स्कूटर भी है। मन करे तो इसको टेंपू की तरह यूज कीजिए और मन करे तो इसको स्कूटर की तरह यूज कीजिए।
आइए देखें कि रो मोटर के टू इन वन गाड़ियों के कौन-कौन से मॉडल्स हैं।
यह थी रो की नई सर्च S32 एंड 32 मींस थ्री व्हीलर कन्वर्टेड इन्टू टू व्हीलर। इसीलिए, F32 डिपेंड ऑन इट्स यूस। S32 के चार वेरिएंट मार्केट में उपलब्ध होंगे।
S32 पवी एक पैसेंजर को लोड करने वाली गाड़ी है जो नॉर्मली मार्केट में दिखती है। इसमें 9.6 किवा आवर कैपेसिटी की बैटरी, 8 किवा का मोटर और 45 किमी प्रति घंटे की स्पीड है। जब आप उसको टेंपू की तरह यूज करें, तो वही जब आप इसको डिटैच कर देते हैं और स्कूटर की तरह यूज करते हैं, तो इसकी स्पेसिफिकेशन वही रहती है।
S32 एडी एक्चुअली मालवाल ढोने में काफी मदद करेगी। इसमें 11.6 किवा आवर की बैटरी पैक, 10 किलोवाट कैपेसिटी का मोटर और तेज़ी 45 किमी प्रति घंटे की टॉप स्पीड है। जब आप इसको स्कूटर की तरह यूज करते हैं, तो आपको 60 किमी प्रति घंटे की टॉप स्पीड मिलती है।
S32 एब में आपको बड़ी जगह पर माल को ट्रांसपोर्ट करने की सुविधा मिलती है। इसमें भी आपको एलडी वाले सारे स्पेसिफिकेशन मिलते हैं।
इन सभी मॉडल्स में आपको एलडी वाले स्पेसिफिकेशन मिलेंगे। जैसे कि:
अब आपके दिमाग में कई सवाल आ रहे होंगे। आप सोच रहे होंगे कि क्या इन गाड़ियों को चलाने के लिए लाइसेंस की ज़रूरत होगी? तो जब आप थ्री व्हील टेंपू की तरह यूज़ कर रहे हैं, तो आपको थायर वाला लाइसेंस चाहिए होगा। टू व्हीलर स्कूटर की तरह यूज़ कर रहे हैं, तो आपको टू व्हीलर वाला लाइसेंस चाहिए होगा।
दूसरा सवाल आपके मन में हो सकता है कि क्या इन गाड़ियों के स्पेसिफिकेशन ऐसे ही होते हैं, यानी क्या एक में दूसरे को लगा सकते हैं? जैसे ही हम इसको अटैच करके टू व्हीलर को थ्री व्हीलर में कन्वर्ट करते हैं, तो फिर पूरा का पूरा सिस्टम चेंज हो जाता है। फिर थ्री व्हीलर का सारा सिस्टम उसमें काम करता है, जैसे कि उसका बैटरी पैक, पावर आदि। वही चीजें टू व्हीलर वाले सिस्टम में नहीं होती हैं।
एक और ज़रूरी सवाल जो आपके मन में हो सकता है, वह है कि क्या इन गाड़ियों को अटैच या डीटैच करने के लिए स्पेशल टूल की ज़रूरत पड़ती है? तो ऐसा कुछ नहीं है। कोई टूल या विशेष उपकरण की ज़रूरत नहीं है।
हम अब तक देख चुके हैं कि टू इन वन गाड़ियों के कुछ महत्वपूर्ण फीचर्स और स्पेसिफिकेशन क्या हैं। अब हम यह देखते हैं कि इन गाड़ियों की कीमत क्या होगी। जैसे ही मुझे इसकी कीमत और अन्य जानकारी मिलेगी, मैं आपको इसकी जानकारी दे दूंगा।